Art

“जहर”

ये सिखाया है मुझको दुनियाँ ने
जहर बन जाओ पर दवा न बनो

लोग जालिम है जान ले लेंगे
तुम फकीरों का आसरा न बनो

जुल्म देखो और सहो सब कुछ
आँख बन जाओ पर जुबाँ न बनो

एक सी चाह है एक से अरमान
हुस्न वालो तुम खुदा न बनो

इश्क की आँच का तकाजा है
ख़ाक हो जाओ पर धुँआ न बनो

Advertisements

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s